नमस्ते दोस्तों, क्या अपने ISO के बारे मे कभी सुना है? अगर नहीं तो चलिए फिर आज हम देखेंगे की ISO क्या है? और यहाँ क्या काम करता है !

ISO का फुल फॉर्म क्या है?

ISO का फुल फॉर्म International Organization for Standardization है ! इसको हम हिंदी में अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन कहते है! ISO ने 22612 अंतर्राष्ट्रीय स्टैंडर्ड्स प्रकाशित किये है, जिन्हे आप ISO स्टोर से खरीद सकते है!

यहाँ एक प्रकार का संगठन है, जिसमे Quality Standards देखते है और Quality Standard Certificate देती है ! ISO ज्यादा तर company और organization की जाच करती है! इसमें वह क्वालिटी, ग्राहक समाधान और गुणवत्ता देखती है! यहाँ जब प्रमाणित हो जाता है की कंपनी सही प्रकार से चल रही तो उन्हें इसे द्वारा गुणवत्ता का प्रमाणपत्र दिया जाता है!

ISO का इतियास 

ISO का मतलब International organization for standardization ! इसकी स्थापना 23 फरवरी 1947 में हुई थी ! इनका हेडक्वाटर्स Geneva switzerland में है! इस organization की पहली meeting लंडन में 14 अक्टूबर 1946 मे हुई थी! इस organization की पहली meeting लंडन में 14 अक्टूबर 1946 मे हुई थी !

यहाँ कंपनी और व्यासाय को quality standards certificate देती है, ISO मे 155 से ज्यादा अधिक सदस्य है! अगर कोई कंपनी ने product का उत्पादन करती है तो उसके Management Systems की जाच करते है और उसका काम अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन करती है!

इनमे सभी क्वालिटी चेक होता है, जैसे की प्रोडक्ट क्वालिटी,सेवा , गुणवत्ता , सुरक्षा और शुद्धता आदि को check करते है! जाच पूरी होने के बाद उस कंपनी को अपने product बेचने में बहोत ज्यादा आसानी हो जाती है!

ISO का मुख्या उद्देश्य यहाँ है की सभी related activities का विकास कारन और उसको प्रोत्साहन देना! ISO एक स्वतंत्र, international non governement oragnization है जो की प्रोडक्ट्स, सर्विसेज और सिस्टम्स के क्वालिटी , सिक्योरिटी की जाच करती है और उनके स्टैंडर्ड्स को विकसित करता है !

ISO का क्या काम होता है?

इसका मुख्या कार्य यहाँ होता है, की कोई भी कंपनी के प्रोडक्ट की क्वालिटी उसकी गुणवत्ता को check करते है और उसके प्रमाणपत्र देते है ! जिसे उन्हें आसानी होती है प्रोडक्ट को बेचने मे!

ISO पहले कंपनी को 9001:2008 का certificate देती थी ! लईकिन अभी ISO 9001 :2015 का certificate देती है!

Types of ISO certificates

  1. ISO 10012:- Measure Management System
  2. ISO 14001:- Environment Management
  3. ISO 9001:2008: Quality Management
  4. ISO 22008:- Food Safety Management
  5. ISO 27001:- Information Security Management

ISO 9001: 2008

Certification ISO 9001 :2008 , इस certification में तीन घटक शामिल होते है! वह तीन घटक है ISO , 9001 और 2008 , इन तीन घटक को हम एक एक करके देखते है:

ISO:

जैसे की अभी तक आप जान चुके होंगे की ISO के स्टैंडर्डज़ेशन के लिए जाना जाता है! यहाँ organization standards को विकसित करता है, और व्यसायोंको प्रमाणित करने की अप्लाई करती है! यहाँ एक third -party द्वारा हैंडल किया जाता है, और यहाँ सभी चीज़े वार्षिक रूप से परिक्षण किया जाता है!

9001:

इसके बाद हम देखेंगे categorize number standard ! ISO 9000 यहाँ एक स्टैण्डर्ड क्वालिटी मैनेजमेंट को जाच करती है! यहाँ एक सबसे अच्छा स्टैण्डर्ड है , जो की क्वालिटी मैनेजमेंट के लिए use करते है ! यहाँ स्टैण्डर्ड व्यासाय को अधिक अच्छा बनाने और ग्राहकों को खुश करने की मदत करते है!

2008:

यहाँ ISO की अंतिम संख्या है स्टैंडर्ड्स मे से, जिसे पूरा किया जाता है और यहाँ represent करता है calendar year को ! जिसका मतलब होता है की उस साल को यहाँ स्टैण्डर्ड लांच किया गया था! 2008 ISO 9001 का चौथा version है ! इसका latest version ISO 9001:2015 है, जो की सितंबर 2015 को लांच किया गया था!  

Interpretation of ISO certification

कही उद्योगों के लिए यहाँ सर्टिफिकेशन की आवश्यकता होती है , जैसे की automotive business !

 ISO के फायदे :

यहाँ सरे कम्पनीज को quality standards certificate देते है और ISO certificate के बहोत सरे फायदे होते है

International Credibility:

यहाँ सर्टिफिकेशन बहारी देशो के व्यापर को मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण होता है !

Customer Satisfaction:

यहाँ ध्यान देते है ग्राहक को समाधान हो ऐसी सेवा देते है जिसे  ग्राहक को संतुष्टि मिलिटी है!

Tenders:

टेंडर्स या सरकारी ठेक के लिए आपके पास ISO Registration होना जरुरी है!

Marketability:

यहाँ ISO रजिस्ट्रेशन व्यापर को बढ़ाता है ! यहाँ हमें मार्केटिंग के लिए मदत करता है!

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