अगर आप भी उन लोगो में शामिल है जिन्हें शेयर मार्केट क्या है? और शेयर मार्केट से पैसे कैसे कमायें जाते है इसके बारे में कुछ पता नहीं है तो ये पोस्ट जरुर पढियेगा|

इस आर्टिकल में आपको जानकारी मिलने वाली है की शेयर मार्केट क्या है? सेंसेक्स और निफ्टी क्या है? शेयर मार्केट में शेयर कैसे खरीदते है और बेचते है? शेयर मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग, फ्यूचर ट्रेडिंग, और लम्बी अवधि का निवेश क्या होता है?

शेयर मार्केट से सबंधित आपके सभी प्रश्नों का जवाब आपको इस पोस्ट में मिल जाएगा| शेयर क्या होते है और शेयर खरीदने का मतलब क्या होता है? मतलब की आपको इस पोस्ट में शेयर मार्केट का बेसिक से लेकर एडवांस्ड लेवल तक का ज्ञान मिलने वाला है| 

दोस्तों आप शेयर मार्केट से जुडी जानकारी share market books in hindi पढके भी प्राप्त कर सकते है|

शेयर मार्केट क्या है?

शेयर मार्केट को आसान शब्दों में कहे तो शेयर मार्केट वो बाजार है जन्हा पर शेयर की खरीदी और बिकवाली होती है ! share Market की भाषा में शेयर खरीदने और बिकवाली करने के कार्य को ट्रेडिंग के नाम से जाना जाता है|

शेयर मार्केट में शेयर की खरीदी और बिकवाली का कार्य स्टॉक एक्सचेंज के थ्रू किया जाता है ! मतलब की आपको किसी कंपनी के शेयर खरीदने है तो आप स्टॉक एक्सचेंज के जरिये ऑर्डर कर सकते है|

हमारे देश में दो मुख्य स्टॉक एक्सचेंज कार्यरत है जिनकी गणना विश्व के टॉप टेन स्टॉक एक्सचेंज में होती है ! ये स्टॉक एक्सचेंज इस प्रकार है ! BSE- Bombay Stock Exchange और दूसरा है NSE- National Stock Exchange|

आपकी जानकारी के लिए बता दू की शेयर मार्केट से शेयर खरीदने के लिए आपके पास डीमेट अकाउंट होना अनिवार्य है|

जैसे हमारा किसी बैंक में अकाउंट होता है उसी तरह शेयर खरीदने के लिए आपके पास डीमेट अकाउंट होना चाहिये ! आप बड़ी ही आसानी से अपना ऑनलाइन डीमेट अकाउंट ओपन कर सकते है|

zerodha, angel broking, icicidirect जैसे कई ब्रोकर के जरिये आप अपना डीमेट अकाउंट ओपन करके ट्रेडिंग शुरू कर सकते है|

निफ्टी और सेंसेक्स क्या है?

दोस्तों जब आप शेयर मार्केट या शेयर बाजार का नाम सुनते है तो आपको दुसरे दो शब्द निफ्टी और सेंसेक्स भी सुनने को मिलते है|

आपने काफी बार न्यूज़ पेपर या समाचार में निफ्टी और सेंसेक्स के बारे में सुना होगा ! अब में आपको निफ्टी और सेंसेक्स क्या है? इसके बारे में जानकारी देता हु|

हमारे देश में दो मुख्य स्टॉक एक्सचेंज है BSE और NSE ! निफ्टी या जिसे Nifty-50 के नाम से जाना जाता है उसे NSE- National Stock Exchange का इंडेक्स कहा जाता है ! और जिसे आप सेंसेक्स के नाम से जानते है वो BSE- Bombay Stock Exchange का इंडेक्स याने की सूचकांक है|

अब आपके मन में ये प्रश्न आएगा की ये इंडेक्स क्या होता है? तो में आपको इसके बारे में जानकारी देता हु ! NSE स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड 50 कंपनी के शेयर में हो रहे बदलाव को दर्शाने के लिए Nifty-50  या निफ्टी इंडेक्स का उपयोग किया जाता है|

मतलब की जब निफ्टी में शामिल ५० कंपनियों के शेयर में गिरावट या तेजी आती है ! तो उसे दर्शाने के लिए निफ्टी इंडेक्स का उपयोग किया जाता है ! निफ्टी टूटने का मतलब इसमें शामिल कंपनियों के शेयर में गिरावट आई है! और निफ्टी बढ़ने का मतलब इसमें शामिल शेयर्स के प्राइस में तेजी आई है|

वैसे ही सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स है ! और सेंसेक्स इंडेक्स सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के शेयर में आ रही तेजी और गिरावट को दर्शाने का कार्य करता है|

सेंसेक्स बढ़ने का मतलब सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के शेयर में तेजी और सेंसेक्स गिरने का मतलब सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के शेयर में गिरावट|

शेयर मार्केट में शेयर क्या है?

दोस्तों शेयर शब्द का मतलब होता है हिस्सा या भागीदारी ! जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते है तो वास्तव में आप उस कंपनी में अपनी भागीदारी या मालिकाना हक्क को खरीद रहे होते है!

अब आपके मन में प्रश्न आएगा की ये शेयर बनते कैसे है? इसे में आपको एक example से समजाने की कोशिश करता हु|

मान लीजिये की कोई कंपनी है जिनकी वैल्यू अभी मार्केट में 50 लाख रुपये है ! अब अगर कंपनी में किसी को हिस्सेदारी देनी है तो उसे छोटे छोटे हिस्सों में विभाजित करना होगा|

ऐसे ही 50 लाख की कंपनी को 10000 भागो में विभाजित किया जाए तो एक शेयर की कीमत 500 रुपये होगी ! इस प्रकार से कंपनी अपनी वैल्यू को छोटे छोटे हिस्सों में विभाजित करके शेयर आम लोगो तक पन्हुचाती है और उससे पैसे जुटाए जाते है !

किसी भी कंपनी का शेयर खरीदने का मतलब उस कंपनी में हिस्सा या भागीदारी करना होता है|

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या होता है ? इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमायें?

दोस्तों शेयर मार्केट सिखने की शुरुआत में आपने इंट्राडे ट्रेडिंग का नाम जरुर सुना होगा ! अगर नहीं सुना है तो आपकी जानकारी के लिए बता दू की जिस ट्रेडिंग की समय अवधि एक दिन तक की होती है उसे इंट्राडे ट्रेडिंग कहते है|

मतलब की आप इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर को सिर्फ एक दिन के लिए खरीद सकते है उसके बाद आपको उसे आपको बेच देना होता है चाहे प्रॉफिट हो या लोस|

इसे में एक example से समजाता हु ! हमारा भारतीय शेयर मार्केट सुबह 9.30 बजे ओपन होता है और दोपहर 3.30 बजे क्लोज हो जाता है! ऐसे में आप इंट्रा डे ट्रेडिंग करते है तो आपको सुबह 9.30 बजे से लेकर 3.30 बजे मार्केट क्लोज हो उससे पहले अपनी ट्रेडिंग पोजीशन को क्लोज कर देनी होती है|

मान लीजिये की सुबह आपने किसी कंपनी के 100 शेयर 200 रुपये में ख़रीदा और अभी 3.00 बज रहे है और शेयर का प्राइस 205 रुपये चल रहा है ! तो आपको मार्केट क्लोज होने से पहले उसे बेच देना पड़ेगा ! यंहा पर आप देख सकते है की आपको अपने ख़रीदे हुए एक शेयर पर 5 रुपये का प्रॉफिट हो रहा है तो कुल प्रॉफिट 500 होगा|

लेकिन अगर शेयर का प्राइस 195 चल रहा है तो आपको यंहा पर 500 रुपये के लोस होते हुए भी शेयर को बेच देने पड़ते है ! इस प्रकार की ट्रेडिंग को इंट्राडे ट्रेडिंग कहते है|

शेयर मार्केट में फ्यूचर ट्रेडिंग क्या होती है?

दोस्तों फ्यूचर ट्रेडिंग इंट्राडे ट्रेडिंग से थोड़ी अलग होती है ! इंट्रा डे ट्रेडिंग में आपको शेयर की खरीदी और बिकवाली के लिए सिर्फ एक दिन की समय अवधि मिलती है ! लेकिन फ्यूचर ट्रेडिंग में आपको एक सप्ताह से लेकर 3 महीने तक का ज्यादा से ज्यादा समय मिलता है|

क्यूंकि फ्यूचर ट्रेडिंग में आपको एक निश्चित समय अवधि दी जाती है जिनके पुरे होने से पहले आपको अपनी पोजीशन क्लोज कर देनी होती है ! पोजीशन क्लोज करने का मतलब आपको इस समय अवधि से पहले ख़रीदे हुए शेयर को बेच देना होता है ! चाहे आपको फायदा हो रहा हो या लोस|

फ्यूचर ट्रेडिंग में आप किसी शेयर की खरीदी लोट में करते है ! लोट का मतलब शेयर की एक निश्चित संख्या होती है जिसे आपको खरीदना या बेचना होता है ! ये लोट साइज़ शेयर की कंपनी के हिसाब से अलग अलग होती है|

इंट्रा डे ट्रेडिंग में आप १० शेयर भी खरीद सकते है लेकिन अगर आप फ्यूचर ट्रेडिंग कर रहे है तो आपको एक निश्चित संख्या में शेयर्स खरीदने होते है|

मान लीजिये की किसी कंपनी का लोट साइज़ 500 है तो आपको कम से कम 500 शेयर खरीदने पड़ेंगे ! आप 10 शेयर नहीं खरीद सकते|

शेयर मार्केट में लम्बी अवधि का निवेश

दोस्तों आपने इंट्रा डे ट्रेडिंग और फ्यूचर ट्रेडिंग के बारे में जाना ! अब में आपको ट्रेडिंग के तीसरे प्रकार लम्बी अवधि के निवेश के बारे में जानकारी देता हु|

शेयर मार्केट में लम्बी अवधि के निवेश का मतलब होता है की आप किसी भी कंपनी के शेयर खरीद कर आप चाहे तब तक अपने पास रख सकते है ! मतलब की निवेश में आपको कोई समय अवधि नहीं होती ! आप चाहे तब शेयर खरीद कर, आप चाहे तब बेच सकते है|

शेयर मार्केट में निवेश की ये सबसे बेस्ट मेथड है ! अगर आपके पास शेयर मार्केट का ज्यादा अनुभव या जानकारी नहीं है तब भी आप शेयर मार्केट में निवेश करके अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते है |

निष्कर्ष:

दोस्तों शेयर मार्केट क्या है? इसके बारे में अब आपको सम्पूर्ण जानकारी मिल चुकी होगी ! Share Market में ट्रेडिंग करने से पहले शेयर मार्केट से जुडी सभी जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिये ! शेयर मार्केट में निवेश करना जोखमी होता है इस लिए अनुभव और नोलेज के बाद ही शेयर मार्केट में निवेश करना चाहिये ! शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंसियल एडवाइजर की सलाह जरुर ले|

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